Answer By law4u team
नहीं, इंडिया में कोर्ट मैरिज पूरी तरह से ऑनलाइन नहीं हो सकती। हालांकि, कुछ राज्यों में प्रोसेस के कुछ हिस्से ऑनलाइन किए जा सकते हैं, लेकिन फाइनल मैरिज मैरिज ऑफिसर के सामने फिजिकली होनी चाहिए। 1. कानूनी ज़रूरत (ज़रूरी) स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत: मैरिज ऑफिसर के सामने खुद जाकर शादी करनी होगी दूल्हा, दुल्हन और 3 गवाहों का होना ज़रूरी है फिजिकल वेरिफिकेशन और सिग्नेचर ज़रूरी हैं इसलिए, पूरी तरह से ऑनलाइन कोर्ट मैरिज कानूनी तौर पर वैलिड नहीं है। 2. कुछ राज्यों में ऑनलाइन क्या किया जा सकता है कुछ राज्य कुछ ऑनलाइन सुविधाएं देते हैं जैसे: शादी का नोटिस डाउनलोड करना और भरना मैरिज रजिस्ट्रार के साथ ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुकिंग वेरिफिकेशन के लिए डॉक्यूमेंट अपलोड करना एप्लीकेशन स्टेटस ट्रैक करना लेकिन ये सिर्फ प्रोसेस के स्टेप्स हैं, शादी नहीं। 3. आखिरी ज़रूरी स्टेप्स कपल को ये करना होगा: मैरिज ऑफिसर के सामने खुद पेश होना 30-दिन के नोटिस पीरियड के बाद वेरिफिकेशन पूरा करना मैरिज रजिस्टर पर साइन करना ऑफिसर और गवाहों के सामने शपथ/सहमति लेना 4. फिजिकल मौजूदगी क्यों ज़रूरी है क्योंकि कानून के हिसाब से ये ज़रूरी है: पहचान और सहमति का वेरिफिकेशन धोखाधड़ी या ज़बरदस्ती शादी से बचाव गवाह का कन्फर्मेशन मैरिज ऑफिसर द्वारा कानूनी ऑथेंटिकेशन 5. आम गलतफहमी बहुत से लोग सोचते हैं कि “कोर्ट मैरिज ऑनलाइन” का मतलब पूरी तरह से डिजिटल शादी है, लेकिन कानूनी तौर पर: सिर्फ़ रजिस्ट्रेशन प्रोसेस थोड़ा डिजिटल हो सकता है शादी हमेशा ऑफ़लाइन होती है 6. खास बातें भारत में कोर्ट मैरिज पूरी तरह से ऑनलाइन नहीं की जा सकती। ऑनलाइन सिस्टम फॉर्म और अपॉइंटमेंट में मदद कर सकते हैं, लेकिन असली शादी स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत गवाहों के साथ मैरिज ऑफिसर के सामने फिजिकली होनी चाहिए।