Answer By law4u team
लैंड कन्वर्जन का मतलब है ज़मीन के कानूनी इस्तेमाल को एक कैटेगरी से दूसरी कैटेगरी में बदलना, जो आम तौर पर खेती की ज़मीन से गैर-खेती के इस्तेमाल जैसे कि रहने, कमर्शियल या इंडस्ट्रियल कामों के लिए होता है। इस प्रोसेस को सरकारी अथॉरिटी ऑफिशियली मंज़ूरी देती है ताकि ज़मीन का इस्तेमाल नए मकसद के लिए कानूनी तौर पर किया जा सके। भारत में लैंड कन्वर्जन राज्य के खास लैंड रेवेन्यू कानूनों के हिसाब से होता है, जैसे गुजरात में गुजरात लैंड रेवेन्यू कोड, 1879। सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज मकसद के अलावा किसी और मकसद के लिए ज़मीन का इस्तेमाल करने से पहले मालिक को सही रेवेन्यू अथॉरिटी में अप्लाई करना होगा और इजाज़त लेनी होगी। जब खेती की ज़मीन का इस्तेमाल घर बनाने, बिज़नेस शुरू करने, फैक्ट्री बनाने, बेचने के लिए ज़मीन की प्लॉटिंग करने या किसी भी गैर-खेती के काम के लिए किया जाना हो, तो लैंड कन्वर्जन ज़रूरी होता है। कन्वर्जन की इजाज़त के बिना ज़मीन का इस्तेमाल गैर-कानूनी माना जा सकता है और अथॉरिटीज़ इसके लिए पेनल्टी या तोड़-फोड़ की कार्रवाई कर सकती हैं।