Answer By law4u team
हाँ, कोर्ट एंटीसिपेटरी बेल रिजेक्ट कर सकता है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत, एंटीसिपेटरी बेल देना सेशन कोर्ट या हाई कोर्ट का अपना अधिकार है, अधिकार नहीं। रिजेक्ट होने के आम कारण: गंभीर अपराध (जैसे, मर्डर, रेप, आतंकवाद) आरोपी के खिलाफ मजबूत सबूत फरार होने या न्याय से भागने की संभावना गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ करने की संभावना आरोपी का पिछला क्रिमिनल रिकॉर्ड शुरुआती और सेंसिटिव स्टेज पर जांच पिछले मामलों में बेल प्रोटेक्शन का गलत इस्तेमाल कोर्ट के विचार: पर्सनल लिबर्टी और फेयर जांच के बीच बैलेंस न्याय और समाज का हित कस्टडी में पूछताछ की ज़रूरत सुप्रीम कोर्ट का ज़रूरी सिद्धांत: गुरबख्श सिंह सिब्बिया बनाम पंजाब राज्य में, कोर्ट ने माना कि एंटीसिपेटरी बेल हर मामले के फैक्ट्स के आधार पर दी या रिजेक्ट की जानी चाहिए, न कि एक रूटीन नियम के तौर पर। अगर एंटीसिपेटरी बेल रिजेक्ट हो जाती है: वह व्यक्ति हायर कोर्ट जा सकता है (कुछ मामलों में सेशन कोर्ट → हाई कोर्ट → सुप्रीम कोर्ट) आरोपी गिरफ्तारी के बाद भी रेगुलर बेल के लिए अप्लाई कर सकता है निष्कर्ष: हाँ, फैक्ट्स, केस की गंभीरता और कोर्ट के फैसले के आधार पर एंटीसिपेटरी बेल रिजेक्ट की जा सकती है।