Answer By law4u team
ऑनलाइन नकली इन्वेस्टमेंट ऑफ़र या निवेश धोखाधड़ी के शिकार होने पर व्यक्ति को तुरंत और बेहद सावधानी के साथ कदम उठाने चाहिए ताकि वित्तीय नुकसान को कम किया जा सके और अपराधियों को पकड़ा जा सके। सबसे पहले यह आवश्यक है कि आप घबराएं नहीं और तुरंत अपने सभी संबंधित बैंक खातों, क्रेडिट कार्डों और यूपीआई (UPI) सेवाओं को ब्लॉक या फ्रीज करवा दें। इसके लिए आपको तुरंत अपने बैंक के ग्राहक सेवा नंबर पर संपर्क करना चाहिए और उन्हें इस धोखाधड़ी (Cyber Fraud) के बारे में पूरी जानकारी देनी चाहिए। यदि आपने हाल ही में कोई पैसा ट्रांसफर किया है, तो बैंक से अनुरोध करें कि वे उस ट्रांजैक्शन को होल्ड या रिवर्स करने का प्रयास करें। इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण कदम साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करना है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) श्रेणी के तहत अपनी शिकायत दर्ज करें। आप साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी तुरंत कॉल कर सकते हैं। यह हेल्पलाइन नंबर वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सहयोग से काम करता है और यदि आप धोखाधड़ी के तुरंत बाद (गोल्डन ऑवर के भीतर) कॉल करते हैं, तो आपके द्वारा ट्रांसफर किए गए पैसे को संबंधित बैंक खाते में फ्रीज होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। शिकायत दर्ज करने के बाद अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन के साइबर सेल में जाएं और भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (Information Technology Act) के प्रावधानों के तहत एक लिखित पुलिस शिकायत यानी प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करवाएं। पुलिस शिकायत दर्ज कराते समय अपने पास सभी साक्ष्य सुरक्षित रखें। इन साक्ष्यों में धोखाधड़ी करने वालों के साथ हुई चैट के स्क्रीनशॉट, बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजैक्शन की रसीदें, फर्जी वेबसाइट के लिंक, ईमेल और उन फोन नंबरों के कॉल लॉग या व्हाट्सएप चैट शामिल होने चाहिए जिनके माध्यम से आपको संपर्क किया गया था। इन सभी दस्तावेजों की प्रतियां पुलिस और जांच अधिकारियों को सौंपनी होंगी। यदि यह धोखाधड़ी किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे टेलीग्राम, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम या फेसबुक के माध्यम से हुई है, तो संबंधित प्लेटफॉर्म पर उन अकाउंट्स और चैनलों की तुरंत रिपोर्ट करें और उन्हें ब्लॉक कर दें। इसके अलावा यदि आपने किसी ऐसी कंपनी या ऐप के माध्यम से निवेश किया है जो सेबी (SEBI) या आरबीआई (RBI) के साथ पंजीकृत होने का दावा करती है, तो तुरंत भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) या संबंधित वित्तीय नियामक के पास भी इसकी शिकायत दर्ज कराएं ताकि वे ऐसी अवैध संस्थाओं और उनके बैंक खातों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें। भविष्य में इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए यह भी जरूरी है कि आप अपने कंप्यूटर और स्मार्टफोन से किसी भी संदिग्ध ऐप को अनइंस्टॉल कर दें और अपने सभी महत्वपूर्ण खातों के पासवर्ड बदल दें। कभी भी किसी अनजान व्यक्ति या सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऐसे विज्ञापनों के झांसे में न आएं जो कम समय में बहुत अधिक और सुनिश्चित रिटर्न का वादा करते हैं। निवेश करने से पहले हमेशा यह जांच लें कि वह संस्था या ब्रोकर वैध है या नहीं और सेबी (SEBI) या आरबीआई (RBI) की आधिकारिक सूची में उनका नाम है या नहीं। कानूनी सहायता के लिए किसी अनुभवी वकील से भी सलाह ली जा सकती है जो आपको उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम या दीवानी अदालतों के माध्यम से हर्जाना प्राप्त करने में मार्गदर्शन कर सके।