Answer By law4u team
स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत, भारत में कोर्ट मैरिज प्रोसेस में आम तौर पर लगभग 30 से 60 दिन लगते हैं। बेसिक टाइमलाइन: नोटिस फाइल करना कपल मैरिज ऑफिसर के सामने शादी का नोटिस जमा करते हैं। 30 दिन का नोटिस पीरियड अगर कोई ऑब्जेक्शन हो, तो उसे मंगाने के लिए नोटिस पब्लिश किया जाता है। ऑब्जेक्शन की जांच (अगर ऑब्जेक्शन फाइल किया जाता है) मैरिज ऑफिसर जांच कर सकते हैं, जिससे समय बढ़ सकता है। शादी का आयोजन अगर 30 दिनों के अंदर कोई वैलिड ऑब्जेक्शन नहीं मिलता है, तो शादी पूरी की जा सकती है। मैरिज सर्टिफिकेट जारी करना सर्टिफिकेट आम तौर पर उसी दिन या उसके तुरंत बाद जारी किया जाता है। आम तौर पर ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स: उम्र का प्रूफ एड्रेस प्रूफ फोटोग्राफ पहचान के डॉक्यूमेंट्स मैरिटल स्टेटस का एफिडेविट डिवोर्स डिक्री या डेथ सर्टिफिकेट अगर लागू हो ज़रूरी बातें: नोटिस फाइल करने से पहले आम तौर पर कम से कम एक पार्टी को जिले में 30 दिन तक रहना चाहिए। शादी की तारीख पर 3 गवाहों का होना ज़रूरी है। राज्य के प्रोसेस और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर समय अलग-अलग हो सकता है।